नई स्टडी : डेंगू के भारत और ब्राज़ील में चरम सीमा तक जाने की आशंकाएं !

Daily Hunt News 6/11/2019 10:00:34 PM

लॉस एंजेल्स। गर्मियों में बढ़ते तापमान के साथ डेंगू रोग के प्रसार में 'एडिस' मच्छर के स्वभाव और उसके विचरण पर सोमवार को प्रकाशित एक नई स्टडी की मानें तो भारत और ब्राज़ील के लिए आने वाला समय अत्यंत जोखिमभरा है। 

इस नई स्टडी के जनक डाक्टर ओलिवर ब्राडी ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न कालखंडों में एडिस मच्छर की एक प्रजाति एजिपटी पर किए गए शौध के आधार पर चेतावनी दी है कि समय रहते शहरों में कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण नहीं किया जा सका, तो इसके भयंकर परिणाम सामने आ सकते हैं। 

अभी डेंगू संक्रमण से( तेज़ ज्वर, जोड़ों में दर्द और आंतरिक रक्त स्त्राव आदि) प्रतिवर्ष दस हज़ार मौतें होती हैं, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सन् 2080 में सवा दो अरब लोग एडिस प्रजाति के एजिपटी मच्छर के संक्रमण से शिकार हो सकते हैं। स्टडी में जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से तीन कालखंड 2020, 2050 और 2080 बनाए गए हैं। 

इन कालखंडों में एडिस प्रजाति के एजिपटी मच्छर के स्वभाव के बारे में कहा गया है कि ज्यों-ज्यों गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा, यह मच्छर एक स्वस्थ मनुष्य को संक्रमण का शिकार बनाते हुए लोगों को अपने आग़ोश में लेता जाएगा। जलवायु परिवर्तन का प्रकोप चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के दक्षिण पूर्व क्षेत्रों में पड़ेगा। 

'नेचर माइक्रोलॉजी' में प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि इस मच्छर से प्रति वर्ष दुनिया में दस करोड़ लोग प्रभावित होते हैं। लेखक और शोधकर्ता ओलिवर ब्राडी लंदन स्कूल आफ हाईजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन में शोधकर्ता हैं।

उन्होंने कहा है कि इस मच्छर का प्रकोप अमेरिका के दक्षिण पूर्वी राज्यों में बढ़ने लगा है ख़ासकर टेक्सास, फ़्लोरिडा तथा कैलिफ़ोर्निया के कुछेक हिस्सों में। पूर्वी कनेक्टीक़ट यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर जोश इडाजी ने टिप्पणी की है कि डेंगू स्वस्थ मनुष्य के लिए अत्यंत पीड़ादायक है तो बच्चों और बूढ़ों के लिए बहुत घातक।

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