जन्म दिन पर जिदंगी की जंग हार गया फतेहवीर

Daily Hunt News 6/11/2019 3:09:14 PM

चंडीगढ़। संगरूर के गांव भगवानपुरा में बीती छह जून से गहरे बोरवेल में गिरा दो वर्षीय फतेहवीर आखिर जिंदगी की जंग हार गया। फतेहवीर सिंह की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण खबर उसके दूसरे जन्मदिन से अगले दिन आई। दावा किया जा रहा है कि फतेहवीर की मौत उसके जन्म दिन वाले दिन ही हुई है। फतेहवीर सिंह की मौत की खबर सुनते ही जहां घटनास्थल पर हजारों की संख्या में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई वहीं परिवारिक सदस्यों सदमे में हैं। 

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बच्चे को मृत हालत में पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचाया गया, जहां शवगृह के कर्मचारियों ने दावा किया कि फतेहवीर का शव बुरी तरह से गल चुका था। उसमें से बदबू आ रही थी। माना जा रहा है कि फतेहवीर की मौत 24 से 48 घंटे पहले ही हो चुकी थी। संगरूर के गांव भगवानपुरा के रहने वाले फतेहवीर सिंह का परिवार खेत में बने घर में रहता था। 

बीती छह जून की शाम करीब चार बजे फतेहवीर अपनी माता गगनदीप कौर के साथ जा रहा था। वह खेलता-खेलता मिट्टी की बोरी से ढके बोरवेल के पास चला गया। बारिश होने कारण बोरी पहले ही फटी हुई थी। जब फतेहवीर सिंह ने बोरी पर पांव रखा तो बोरी फट गई और वह बोरी समेत बोरवेल में नीचे जा गिरा। 

फतेहवीर सिंह करीब 200 फुट गहरे बोरवेल में गिरा था और 120 फुट पर जाकर अटक गया। गुरुवार रात से ही फतेहवीर को बचाए जाने के प्रयास लगातार चल रहे थे। शुक्रवार सुबह बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाई गई। प्रशासन, एनडीआरएफ व डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने शुक्रवार की सुबह पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया और रेस्कयू आपरेशन चलाया गया। 

कैमरे से फतेहवीर पर बोरवेल में नजर रखी जा रही थी। सात जून को शाम के समय रेस्क्यू टीम द्वारा तेजी लाते हुए फतेहवीर को कुछ ऊपर खींचने का प्रयास किया गया लेकिन रस्सी खुलने कारण यह कोशिश नाकाम रही। आठ जून को रेस्क्यू टीम द्वारा बोरवेल के बराबर गढ्ढा खोदा गया और आधुनिक तकनीक की मशीन का प्रयोग किया गया लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लग सकी। 

फतेहवीर के बोरवेल में गिरने के बाद पूरे देश की नजरें इस घटना पर टिक गईं और हर कोई फतेह की सलामती के लिए अरदास कर रहा था। रविवार को भी फतेहवीर सिंह को बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी रहीं लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। डॉक्टरों द्वारा रविवार की सुबह से बोरवेल में फंसे फतेहवीर के सही सलामत होने का दावा किया गया था। 

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सोमवार को दिनभर फतेहवीर को बाहर निकालने संबंधी अटकलों का दौर चलता रहा लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे राहत एवं बचाव दल की टीम ने फतेहवीर को मृत हालत में बोरवेल से बाहर निकाला। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम फतेहवीर को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ पहुंची, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीजीआई में डाक्टरों के एक पैनल ने फतेहवीर का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों के हवाले कर दिया। 

लोगों के गुस्से से बचने को हवाईमार्ग से संगरूर गया शव 
संगरूर के गांव भगवानपुरा में बच्चे की मौत के बाद पंजाब में कई जगहों पर लोगों ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दिया। फतेहवीर का जब पीजीआई चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम हो रहा था तो पंजाब पुलिस को सूचना मिली कि बच्चे के शव को अगर सडक़ मार्ग से ले जाया जाता है तो लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से पंजाब सरकार ने एयर एंबुलेंस की मदद से शव को संगरूर भिजवाया।

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