विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के लिए भाजपा तृणमूल दोनों जिम्मेवार, जांच हो : येचुरी

Daily Hunt News 5/15/2019 9:43:03 PM

कोलकाता। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने अमित शाह के रोड शो के दौरान मचे हंगामे को लेकर भाजपा और तृणमूल दोनों को घेरा है। उन्होंने कहा कि दोनों ही हिंसक पार्टियों ने बंगाल के माहौल को हिंसक बना कर रखा है। विद्यासागर कॉलेज में हुई तोड़फोड़ और महान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को वाम मोर्चा के वरिष्ठ सदस्यों ने शहर में एक रैली निकाली। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस के नेतृत्व में रैली मध्य कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर में विद्यासागर उद्यान से शुरू हुई और हेदुआ के पास आजाद हिंद बाग तक गई। रैली में भाग लेने वाले वाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिंसा और आगजनी की घटना को बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा पर एक ‘धब्बा’ करार दिया और लोगों से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस द्वारा बनाए गए ‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जाल’ में नहीं फंसने का आग्रह किया। 

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

येचुरी ने रैली शुरू करने से पहले कहा कि विद्यासागर बंगाल के पुनर्जागरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनके सामाजिक योगदान ने राष्ट्रीय आंदोलन को बदल दिया और यह सुनिश्चित किया कि भारत स्वतंत्र हो जाए। उन्होंने कहा कि यहां दोनों राजनीतिक दलों द्वारा बहुत ही निराशाजनक प्रदर्शन है जो भारतीय सभ्यता की विरासत और परंपराओं को धारण करने का दावा करते हैं और दोनों ही इसके खिलाफ पूरी तरह से काम कर रहे हैं। मैं बंगाल के लोगों से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जाल में नहीं फंसने की अपील करता हूं। यह कहते हुए कि बहुत पुराने विद्यासागर कॉलेज जैसी संस्था पर हमला बंगाल की सांस्कृतिक लोकाचार के खिलाफ है, विमान बोस ने कहा कि हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है? इसका पता लगाने के लिए ‘उचित जांच’ होनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।‌ 

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब बटन

बोस ने कहा कि विद्यासागर कॉलेज एक शानदार अतीत के साथ एक प्रतिष्ठित संस्थान है। कॉलेज में इस तरह की आगजनी और विद्यासागर (प्रतिमा) पर हमले की निंदा करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं। हमें यह सोचकर शर्म आती है कि वे (हिंसा करने वाले) बंगाल के लोग हैं. मैं नहीं मानता कि बंगाल के लोग ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी का पता लगाने के लिए जांच की जानी चाहिए। चुनाव आयोग को मामले की जांच करनी चाहिए क्योंकि यह चुनाव प्रचार के दौरान हुआ है। उल्लेखनीय है कि विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के खिलाफ वामपंथी छात्र संगठनों ने विद्यासागर कॉलेज के पास विरोध प्रदर्शन करते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं। 

Recommended

Spotlight

Follow Us