गुजरात के एक्सिस बैंक में डकैती करने वाले बदमाश साथी सहित गिरफ्तार

Daily Hunt News 15-05-2019 21:39:23

जौनपुर। गुजरात और यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बने एक लुटेरा गैंग के सरगना समेत तीन बदमाशों को जौनपुर पुलिस ने बुद्धवार को हल्की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गैंग के सदस्यों के पास से एक 9 एमएम की पिस्टल, दो 32 बोर की पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और स्कार्पियो बरामद की है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने बीते फरवरी माह में गुजरात के गांधीनगर जिले में दिनदहाड़े एक्सिस बैंक में हवाई फायरिंग करते हुए 44 लाख रुपये लूटे थे। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने बाद सरगना ने अपने गांव आकर जौनपुर में कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। सरगना कमलेश बिंद के ऊपर बैंक लूट, हत्या का प्रयास समेत कुल 13 अपराधिक मामले जौनपुर और गुजरात के प्रांत के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।  

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लुटेरों के गैंग का खुलासा करते हुए बुधवार को एसपी आशीष तिवारी ने बताया कि बुधवार को सूचना के आधार पर घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस फायरिंग कर दिया, लेकिन पुलिस का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन बदमाशों को नाजायज पिस्टल, कारतूस के साथ पकड़ लिया, जबकि तीन लूटेरे भागने में सफल रहे। पुलिस ने इनके पास से एक 9 एमएम पिस्टल,  जिन्दा कारतूस, व दो अन्य पिस्टल पांच कारतूस छिनैती के 39550 रुपये नकद, बैंक का पासबुक मोटरसाइकिल,चार मोबाइल एक बिना नम्बर की स्कार्पियो गाड़ी बरामद की। 
  

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गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में अपना नाम कमलेश बिन्द पुत्र धनुराज बिन्द, ग्राम केवटली, थाना महराजगंज, संतोष यादव पुत्र अमरपाल यादव ग्राम कल्याणपुर थाना सुजानगंज और रंजीत कुमार गौतम उर्फ राजा बाबू पुत्र शोभनाथ गौतम ग्राम सवंसा थाना महराजगंज बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त एवं गिरोह के सरगना कमलेश बिन्द ने बताया कि वह जौनपुर में जेल में बंद था। जमानत पर छूटने के बाद वह अपने साथी सचिन बिन्द के साथ प्रान्त गुजरात के गांधीनगर में जाकर रहने लगा और वहां फरवरी 2019 में दिनदहाड़े अपने साथी सचिन बिन्द, अजित बिन्द, सोनू सेख, सुधाकर बिन्द के साथ एक्सिस बैंक में घुसकर गोलियां चलाते हुये 44 लाख 18 हजार रुपये की लूट की थी। इस लूट में उसे हिस्से के तौर सात लाख रुपये मिले थे, जिसमें से तीन लाख रुपये अपने मामा को वहीं पर उधार दे दिया तथा चार लाख रुपये उसने अपने पटीदार दीपचन्द्र के खाते में डाल दिया था और दीपचन्द्र के नाम के स्कार्पियो गाड़ी बैंक से फाइनेंस कराकर खरीदी।

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