जलियांवाला बाग हत्याकांड इतिहास की सबसे अमानवीय और नृशंस घटना : राम बहादुर राय

Daily Hunt News 4/13/2019 8:36:11 PM

नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र(आईजीएनसीए) के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड ब्रिटिश शासन की सबसे अमानवीय और नृशंस घटना थी। उस दिन की घटना के बाद से ही ब्रिटीश शासन का पतन शुरू हो गया था। उन्होंने यह बात द आर्ट्स एंड कल्चरल हेरिटेज ट्रस्ट और भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के सहयोग से आईजीएनसीए में जलियांवाला बाग हत्याकांड के सौ साल पूरे होने पर आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर कही।

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राम बहादुर राय ने हत्याकांड वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन जनरल डायर ने तब तक गोलियां चलवाईं जब तक बंदूक में गोलियां खत्म नहीं हो गई। उन्होंने आगे कहा कि जलियांवाल बाग में एक कुआं था जिसमें कुछ लोग बचने के लिए भागे वह कुआं कुछ देर में निर्दोष लोगों की लाशाें से पट गया। आईजीएनसीए के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि अमृतसर के जलियांवाला बाग हत्याकांड में सिखों, हिंदुओं और मुसलमानों ने एक साथ अपनी जान गंवाई। इसीलिए जलियांवाला बाग भारत की सामूहिक त्रासदी की याद दिलाता है।प्रदर्शनी के क्यूरेटर किश्वर देसाई ने कहा कि इस प्रदर्शनी में दो साल की मेहनत लगी है। इस मौके पर उन्होंने अपनी पूरी टीम का धन्यवाद किया। 

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राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक पी.वी. रमेश ने कहा कि इतिहास में हुई यह घटना न सिर्फ हमारे देश के लिए काला दिन था बल्कि पूरे मानव सभ्यता के लिए भी। उन्होंने कहा कि उस घटना में अपनी जान गंवाने वाले शहीद न सिर्फ हमें प्रेरित करते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सौ साल तक प्रेरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि आईजीएनसीए में लगी 'जलियांवाला बाग शताब्दी स्मारक प्रदर्शनी (1919-2019)' आज से आम लोगों को लिए खुल गई है। यह प्रदर्शनी 28 अप्रैल तक आईजीएनसीए के ट्वीन आरेट गैलरी में लगी रहेगी। प्रदर्शनी में 13 अप्रैल 1919 को हुई नृशंस घटना को चित्रों, दस्तावोजों और क्राफ्ट के माध्यम से दर्शाया गया है।

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