उड़ीसा HC ने नवजात को पिता को सौंपने की दी अनुमति, कहा- मां के साथ रहना ठीक नहीं

Daily Hunt News 17-01-2021 16:38:46

नई दिल्ली। उड़ीसा उच्चतम न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए एक 15 माह के बच्चे को उसके पिता को प्रदान करने की इजाजत दी है। न्यायालय की माने तो बच्चे का मां संग रहना उसके विकास पर  प्रभाव डाल सकता है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया है कि बच्चे को उसके पिता (Father) को सौंप दिया जाए। 

उच्चतम न्यायालय ने बच्चे को पिता को सौंपे जाने का निर्णय प्रदान करते हुए टिप्पणी की है कि नवजात का उसकी मां संग भिन्न रहना उसके मानसिक, शारीरिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चे पर मानसिक रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने इस तरह का निर्देश मां और बच्चे के वीडियो पर संज्ञान लेते हुए दिया है। 

उड़ीसा HC ने जिस वीडियो पर संज्ञान लिया है, उसमें मां बच्चे की बुरी तरह से पिटाई कर रही है। माता बच्चे को लगातार यातना दे रही है। जिसे देखने के पश्चात अदालत ने भी यह महसूस किया कि बच्चे का पिता संग रहना ही ठीक होगा, जिसके बाद अदालत ने बच्चे को मां की जगह पिता को सौंपे जाने का निर्देश दिया है। 

उच्चतम न्यायालय के जज एसके मिश्रा तथा जज सावित्री राठो की बेंच ने आज पुरी जिला निवासी चक्रधर नायक की बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका स्वीकार करते हुए उसकी पत्नी को निर्देश प्रदान किया कि वह सात दिनों में बच्चे को पिता को सौंप देवे। साथ ही कोर्ट ने ये भी बोला है कि यदि औरत ऐसा नहीं करती है, तो पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई कर बच्चे को मां से लेकर उसके पिता को सौंप देवे। 

पुलिस अधीक्षक का बताना है कि उच्चतम न्यायालय की सूचना पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, किंतु तब तक अब्दुल मालिक की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि वकीला एवं फहीमुद्दीन को सीएचसी लाया गया, जहां वकीला की भी मौत हो गई, वहीं फहीमुद्दीन का उपचार जारी है। पुलिस ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302, धारा-307 और धारा- 452 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की खोज हेतु चार टीमें गठित कर दी गई हैं, आरोपी की खोज जारी है। 

पुलिस की माने तो अंजुम की रिजवान से तीन साल पहले शादी हुई थी। अंजुम के ससुराल नहीं जाने को लेकर पति-पत्नी मे अनबन थी। जिसके कारण बच्चा मां के साथ ही रह रहा था। किंतु मां बच्चे संग अच्छा व्यवहार नहीं कर रही थी। एक वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा गया कि वह बच्चे को पीट रही थी उसे लगातार यातनाएं दे रही थी। जिसके बाद अदालत ने बच्चे को उसके पिता को सौंपे जाने का निर्देश दिया है। 

यह खबर भी पढ़े: Live Updates/पूरी दुनिया की नजर 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है, आंदोलन टूटने नहीं देंगे, किसान संगठनों ने दिया ऐसा बड़ा बयान

Recommended

Spotlight

Follow Us