पद से हटाए जाने पर शिशिर अधिकारी ने कहा, कोई फर्क नहीं पड़ता

Daily Hunt News 13-01-2021 16:42:00

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी को पार्टी लगातार विभिन्न पदों से हटा रही है। भले ही इसके पीछे रूटीन वजह बताई जा रही है लेकिन शिशिर अधिकारी के बेटे व राज्य के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने उनके पूरे परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

मंगलवार को शिशिर अधिकारी को दीघा शंकरपुर विकास परिषद के चेयरमैन के पद से हटाया गया था। तो बुधवार को उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर जिला तृणमूल अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया। इसे लेकर प्रतिक्रिया के लिए जब शिशिर अधिकारी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने कहा कि उनका (तृणमूल) जो मन करे कर सकते हैं। किसी को किसी भी पद पर रखना अथवा हटाना तृणमूल कांग्रेस का अधिकार है। वह इस मामले में कुछ भी बोलना नहीं चाहते लेकिन उन्हें किसी भी पद से हटाने से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। लोग इसका जवाब देंगे।

पूर्व परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पिता को पद हटाने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता से हट जाएंगे। यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है। इस बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना लेकिन सच्चाई यह है कि यह पार्टी एक कंपनी बन गयी है और उन्हें एक नेता नहीं वरन कर्मचारी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि विकास परिषद के अध्यक्ष पद से अधिकारी को हटाकर उनकी जगह तृणमूल विधायक अखिल गिरी को नियुक्त किया गया है। बुधवार को जब गिरी से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि शिशिर बाबू एक अनुभवी नेता हैं। शायद वह अस्वस्थ हैं लेकिन हमें उस समय पीड़ा हुई जब उन्होंने अपने बेटों शुभेंदु और सौमेंदु के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला जो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला कर रहे हैं।

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