क्वाड समूह के चार देशों की सेनाओं को एक साथ लाएगा मालाबार-2020 नौसैनिक अभ्यास

Daily Hunt News 30-10-2020 22:55:00

नई दिल्ली। मालाबार नौसैनिक अभ्यास का पहला चरण भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के बीच विशाखापत्तनम तट से बंगाल की खाड़ी में 3 से 6 नवम्बर तक होगा। दूसरा चरण अरब सागर में नवम्बर के मध्य में होगा। मालाबार-2020 के नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने के लिए पिछले माह भारत ने ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया था। इसके अलावा इसमें भारत, जापान और अमेरिका की नौसेनाएं शामिल होंगीं। यह अभ्यास औपचारिक रूप से क्वाड समूह के चार देशों की सेनाओं को एक साथ लाएगा। 

मालाबार-2020 नौसैनिक अभ्यास भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका की क्षमता को बढ़ावा देगा। मालाबार नौसैन्य अभ्यास वर्ष 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच शुरू हुआ था। इस नौसेना अभ्यास में जापान पहली बार 2015 में शामिल हुआ था। यह वार्षिक नौसैन्य अभ्यास वर्ष 2018 में फिलीपीन सागर में गुआम तट पर आयोजित किया गया। साल 2019 में जापान तट पर हुआ और अब इस इस वर्ष के अंत तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आयोजित होने की उम्मीद है। 

अभ्यास के पहले चरण में अमेरिका अपने गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस जॉन एस मैक्केन, लंबी दूरी की फ्रिगेट एचएमएएस बैलरट, जेएमएसडीएफ जहाज ओनामी (विनाशक)  एमएच-60 हेलीकॉप्टर के साथ शामिल होगा। अभ्यास में भाग लेने वाली भारतीय नौसेना की इकाइयों में विध्वंसक रणविजय, फ्रिगेट शिवालिक, ऑफ शोर पेट्रोल वेसल सुकन्या, फ्लीट सपोर्ट शिप शक्ति और पनडुब्बी सिंधुराज शामिल हैं। इसके अलावा, उन्नत जेट ट्रेनर हॉक, लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान पी -8 आई, डॉर्नियर समुद्री गश्ती विमान, और हेलीकॉप्टर भी अभ्यास में भाग लेंगे। भारतीय नौसेना का नेतृत्व ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल संजय वात्स्यायन करेंगे।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में अन्य देशों के साथ सहयोग तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा क्षेत्र में सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इस बार मालाबार नौसैनिक अभ्यास में ऑस्ट्रेलियाई नौसेना भी शामिल होगी। इस वर्ष अभ्यास को कोरोना महामारी को देखते हुए 'समुद्र में-संपर्क रहित' (नॉन कॉन्टेक्ट एट सी) प्रारूप पर योजनाबद्ध किया गया है। यह अभ्यास शामिल होने वाले देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय तथा सहयोग को और अधिक मजबूत करेगा। मालाबार नौसैनिक अभ्यास 2020 में हिस्सा लेने वाले देश समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और संरक्षा बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। देश सामूहिक रूप से स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारतीय प्रशांत सागर क्षेत्र का समर्थन करते हैं तथा एक नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय सीमा व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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