मां दुर्गा के 108 स्वरूपों में से एक है पाटलावती देवी मंदिर, जानें इसके बारे में...

Daily Hunt News 18-10-2020 01:15:00

कासगंज। जनपद कासगंज की तहसील पटियाली में स्थित माता पार्वती देवी का मंदिर हजारों वर्षों से धार्मिक आस्थाओं का केंद्र बना हुआ है। यहां की मान्यताएं हिंदू धर्म के पौराणिक काल से चली आ रही है। कई धर्म शास्त्रों में भी माता पाटलावती देवी का वर्णन है।

आज से हज़ारों वर्ष पूर्व द्वापरयुग में पटियाली पांचाल प्रदेश का एक बड़ा प्रशासनिक केंद्र था। लेकिन उससे पूर्व भी पटियाली के पश्चिमी भाग में दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्त्रोत्र के अनुसार 41 वें खंड में अनुश्रति माता पाटलावती देवी का मंदिर स्थापित था। 

माना जाता है कि द्वापरयुग में माता पाटलावती देवी अखंड पांचाल प्रदेश के राजाद्रुपद की भी कुल देवी रही थीं और गुरु द्रोणाचार्य ने भी पटियाली के इसी माता पाटलावती देवी मंदिर में घोर साधना की थी। इंजीनियर अमित तिवारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार समूचे विश्व में सिर्फ एक पटियाली में ही माता पाटलावती देवी का मंदिर स्थापित है।

दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्त्रोत्र के अनुसार माता देवी दुर्गा भगवान् शिव की पत्नी माता पार्वती का ही स्वरुप हैं। सनातन धर्म में माता देवी दुर्गा को ब्रह्मांड की परम शक्ति के रूप में जाना जाता है।

दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्त्रोत्र के अनुसार माता देवी दुर्गा के 108 स्वरूपों में 41 वें खंड में माता देवी पाटलावती का नाम अनुश्रति है। जिसका अर्थ है गुलाब के फूल या लाल परिधान या फूल धारण करने वाली देवी। 

पटियाली तहसील के नाम को लेकर भी यहां तमाम किंवदंतियों हैं जिनके मुताबिक यहां के निवासी गौरव तिवारी कहते हैं कि उनके बुजुर्गों का कहना है कि माता पाटलावती देवी के नाम पर ही पटियाली का नाम रखा गया है। 

पद्मावती देवी के मंदिर से मशहूर शायर अमीर खुसरो के परिवार का भी जुड़ाव रहा है। अमीर खुसरो स्वयं भले ही बचपन से ही यहां नहीं रहे लेकिन उनके बुजुर्ग पाटलावती देवी के प्रति अपनी आस्था का भाव रखते थे। अमीर खुसरो के परिवार की माता पार्वती देवी के मंदिर के प्रति आस्था यहां की गंगा जमुनी तहजीब का प्रमुख प्रमाण है। 

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