वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षर बनाएंगे सीएससी और हेल्प एज इंडिया

Daily Hunt News 02-10-2020 00:30:00

नई दिल्ली। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल लिटरेसी प्रदान करने के लिए हेल्प एज इंडिया के साथ हाथ मिलाया है। हेल्प एज इंडिया देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्य करने वाली संस्था है। इस करार के तहत सीएससी हेल्प एज इंडिया के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा राज्यों में 55 वर्ष की आयु से ऊपर के लोगों को डिजिटल लिटरेसी प्रदान करेगा। 

इस करार का उद्देश्य विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल लिटरेसी उपलब्ध कराना है। योजना के तहत विशेषकर वंचित या फिर अधिकारों के प्रति सजग लेकिन उनसे दूर लोगों को डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोरोना महामारी के समय में ये बुजुर्ग लोग भी अपने दैनिक कार्यों को डिजिटली माध्यम से अंजाम दे पाए। उन्हें किसी पर आश्रित ना रहना पड़े।

सीएससी के सीईओ डॉ दिनेश त्यागी ने कहा कि कोरोना काल में बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा संवेदनशील वर्ग के तौर पर चिह्नित किए गए हैं। ऐसे में उनके लिए सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना जरूरी है। डिजिटल लिटरेसी के माध्यम से वह सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए अपने दैनिक कार्यों को अंजाम दे पाएंगे। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद डिजिटली कर पाएंगे, साथ ही विभिन्न तरह के बिल और अन्य खर्च का भुगतान भी डिजिटली कर पाएंगे। जिससे वह बिना किसी पर आश्रित हुए भी अपना कार्य करने में सक्षम होंगे। 

इस करार के तहत कॉमन सर्विस सेंटर की शैक्षिक इकाई सीएससी अकेडमी 1500 वरिष्ठ नागरिकों को एस्पिरेशनल जिलों में डिजिटल लिटरेसी प्रदान करेगी। इनमें राजस्थान का करौली, पश्चिम बंगाल के बीरभूम और तमिलनाडु का रामनाथपुरम जिला शामिल है। यह योजना आलमबना योजना के तहत क्रियान्वित की जाएगी। एक साल के अंदर योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय और हेल्थ केयर सेवाओं के लिए डिजिटल लेन देन सहित अन्य डिजिटल लिटरेसी प्रदान की जाएगी। 

इस करार की घोषणा करते हुए सीएससी अकैडमी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ऋषिकेश पतंगकर ने कहा कि सीएससी पहले से ही वंचित समुदाय को डिजिटल साक्षरता देने की क्षेत्र में कार्य कर रही है। यह कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर हमने एक कदम और बढ़ाया है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने का निर्णय किया गया है। ऐसे समय में जब कोरोना की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग बेहद अहम हो गई है और वरिष्ठ नागरिकों का वर्ग सबसे अधिक संवेदनशील करार दिया गया है, ऐसे में डिजिटल लिटरेसी कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों के लिए समय की सबसे बड़ी जरूरत के रूप में सामने आया है। इससे वरिष्ठ नागरिक अपने दैनिक कार्यों को करते हुए अपने स्वास्थ्य और वित्तीय लेनदेन का कार्य भी कर पाएंगे। 

हेल्प एज इंडिया के मिशन हेड डॉक्टर राजेश्वर देवराकोंडा ने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश डिजिटली अपना काम कर रहा है, ऐसे समय में वरिष्ठ नागरिक केवल किनारे पर खड़े व्यक्ति की तरह है, जो डिजिटली अपना कार्य तो करना चाहते हैं लेकिन उनको इसका ज्ञान और अनुभव नहीं है। इसके अलावा कोई उन्हें डिजिटली साक्षर भी नहीं बना रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर के साथ हुए हमारे करार के बाद वरिष्ठ नागरिक भी अपने सभी लेनदेन को डिजिटल रूप से करने में सक्षम हो पाएंगे। वह सरकार से मिलने वाली हर मदद को भी डिजिटली हासिल कर पाएंगे। इसके अलावा चिकित्सीय देखरेख के लिए भी वह डिजिटल माध्यम का उपयोग कर पाएंगे। यह एक लंबी यात्रा की शुरुआत है।

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