चीन ने अमेरिका को दी खुलेआम धमकी, 2021 से पहले ताइवान पर करके रहेगा कब्जा, रोक सके तो रोक लेना!

Daily Hunt News 21-09-2020 04:52:00

नई दिल्ली। अमेरिका और ताइवान की दोस्ती से चिढ़े चीन ने अमेरिका को साफ-साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि वह 3 दिन में ताइवान पर कब्जा करके वो माओ का सपना पूरा करेगा। बता दे की  चीन ने पहले अमेरिका को ताइवान से दूर रहने की धमकी दी और अब साफ साफ लिखा कि ये न सोचें कि उसकी वॉर एक्सरसाइज कोई झांसा है। चीन निश्चित रूप से युद्ध की तैयारी कर रहा है और वो 2021 से पहले ताइवान पर कब्जा करके रहेगा।

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अब चीन कभी भी ताइवान पर आक्रमण कर सकता है। ताइवान से युद्ध का मतलब है अमेरिका से युद्ध और अमेरिका से युद्ध का मतलब है विश्वयुद्ध। चीन ने ताइवान में बॉम्बर भेजकर विश्वयुद्ध का ऐलान कर दिया है। दरअसल साल 2021 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपनी स्थापना की 100वीं वर्षगांठ मनाएगी। जिनपिंग माओ के उस चाइना ड्रीम पर काम कर रहे हैं जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी 100वीं वर्षगांठ से पहले ताइवान पर कब्जे का सपना है। जिनपिंग अपनी पार्टी के एक मशहूर नेता तंग श्याओ फिंग की रणनीति पर काम करते हैं। जो कहता था कि बिल्ली काली है या सफेद इसका तब तक कोई मतलब नहीं, जब तक कि वह चूहे पकड़ रही हो। जाहिर है उनका पूरा जोर तरीके पर नहीं, लक्ष्य पर रहा है।

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अब इसका मतलब साफ है अपना काम बनाने के लिए जिनपिंग किसी भी हद तक गुजर सकता हैं। कितने ही लोगों को मरवा सकते हैं। पूरी दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की अंधी मौत में झोंक सकते हैं। लेकिन जिनपिंग को किसी भी तरह 2021 से पहले ताइवान पर कब्जा करना है। यानी दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के बिल्कुल मुहाने पर बैठी है। अब दिन नहीं, घंटे गुजर रहे हैं। चीन, ताइवान, या अमेरिका इन तीनों में से किसी के भी फायटर से निकली पहली मिसाइल तीसरे विश्वयुद्ध का ऐलान कर देगी। 

सूत्रों के मुताबिक सच्चाई ये है कि चीन ताइवान पर कब्जा करने के लिए एक बड़े बहाने का इंतजार कर रहा है। चीन खुद चाहता है कि ताइवान उसके किसी जेट को गिरा दे या अमेरिका कुछ ऐसा कर दे जिससे चीन को ताइवान पर हमला करके कब्जा करने का बहाना मिल जाए। लेकिन, ताइवान की तैयारी पूरी है और उसे चीनी मंशा भी पता है। ताइवान को वैसे भी चीन की धमकियों की आदत पड़ चुकी है।

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जानकारी के अनुसार चीन ने ताइवान के एयरस्पेस में पहले 18 फाइटर जेट उतार दिये और उसके 16 घंटे के बाद 19 मिसाइलों और घातक हथियारों से लैस चीन के जेट्स और बॉम्बर्स ने उस वक्त ताइवान पर हमले की कोशिश की। जब ट्रंप के मंत्री कीथ क्रैच वहां मौजूद थे। चीन की इस हरकत ने ताइवान और अमेरिका के साथ चल रही हाईवोल्टेज टेंशन में बारूद लगा दिया है।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि चीन के 19 विमान शनिवार को उनके एयर डिफ़ेंस आइडेंटिफ़िकेशन ज़ोन में घुस आए। ये विमान दक्षिण-पूर्वी तट से ताइवान के क्षेत्र में दाखिल हुए और इनमें से कुछ ने ताइवान स्ट्रेट मिडलाइन को पार किया।

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रिपब्लिक ऑफ चाइना यानी ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने चीन की इस हरकत के बारे में ट्वीट कर दुनिया को जानकारी दी है। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय, रिपब्लिक ऑफ चाइना ने ट्वीट कर कहा पीएलए ने आज फिर से #ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा को पार कर दिया, हमारी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन किया और क्षेत्रीय शांति को अस्थिर कर दिया. राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय इसकी जोरदार निंदा करता है और पीआरसी को आत्म-संयम बरतने और #indopacific क्षेत्र में संकट पैदा करने वाला न बनने का आग्रह करता है।

चीन के 19 फाइटर जेट्स के साथ साथ कई बॉम्बर भी ताइवान के एयर स्पेस में दाखिल हो गए। एक तरह से चीन ने ताइवान को चारों तरफ से घेर लिया। शायद चीन देखना चाहता था कि अब ताइवान क्या करेगा और ताइवान ने तुरंत जवाब दिया। जवाब में ताइवान ने अमेरिकी F-16 उड़ाए, ताइवान स्ट्रेट के 180 किलोमीटर में डॉग फाइट बस शुरू ही होने वाली थी। तीसरे विश्वयुद्ध की तारीख तय हो ही गई थी। लेकिन चीन के जेट्स ने यू टर्न ले लिया। ताइवान के रक्षा मंत्रालय एक एक चीनी जेट का पूरा हिसाब दिया है।

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खबर के मुताबिक ताइवान के रक्षामंत्रालय के चीन को करारा जवाब भी दिया है। रिपब्लिक ऑफ़ चाइना एयरफ़ोर्स ने अपने फाइटर जेट्स को वॉर रेडी कर दिया है और चीन के जेट्स को हवा में ही धराशाई करने के लिए एयर डिफ़ेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर दिया है। ताइवान इस साल कई बार ये शिक़ायत कर चुका है कि चीनी एयरक्राफ़्ट उसकी सीमा में घुसे और उन्हें रोकने के लिए उसे अपने एफ़-16 विमान भेजने पड़े। चीन के सरकारी भोंपू ग्लोबल टाइम्स ने साफ साफ लिखा है कि ताइवान स्ट्रेट में चीन की ड्रिल किसी भी वक्त युद्ध में बदल सकती है। PLA की ड्रिल ताइवान पर कब्ज़ा करने के लिए एक पूर्वाभ्यास था।

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