भारतीय सेना को को चुनौती देने के लिए चीन चल रहा है नई चाल, पैंगोंग के दोनों किनारों पर बिछाई ​​ऑप्टिकल फाइबर केबल

Daily Hunt News 16-09-2020 03:47:00

नई दिल्ली।​ ​भारत के साथ चल रहे गतिरोध के बीच चीन पैंगोन्ग झील के दोनों किनारों पर ​​​​​​अपना ​'संचार तंत्र' मजबूत​ करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल​ बिछा रहा रहा है​​। चीनी सेना यहां ​​इंटरनेट की शुरुआत करके ​भारत के साथ ​​युद्ध की स्थिति में इसका लाभ ​उठाने की फिराक में है।​​ ​​भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ​झील के उत्तरी किनारे पर ​एक महीने पहले ​ही​​​ ​​ऑप्टिकल फाइबर केबल​ बिछाने की जानकारी दी थी लेकिन अब दक्षिणी किनारे पर भी ऑप्टिकल फाइबर केबल​ बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है​​​।​ ​​​​सेटेलाइट तस्वीरों में ड्रैगन की हरकत​ कैद होने के बाद ​​भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट​ हो गई हैं​।

पैंगोन्ग झील ​के उत्तरी इलाके में चीनियों ने मई के बाद फिंगर-4 से फिंगर-8 तक 8 किलोमीटर के हिस्से पर कब्जा करने के बाद स्थायी ढांचों का निर्माण भी किया है। झील में अतिरिक्त बोट और सेना की टुकड़ी को तैनात किया है। पैंगोन्ग झील के उत्तरी किनारे पर चीन ने नए कैंप बना​ए हैं। पैंगोन्ग​ झील में बोट उतारे जाने की नई चीनी चाल सेटेलाइट में कैद ​हुई है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की नौसेना फिंगर-5 और फिंगर-6 में डेरा जमाए हुए हैं। 

Indo-China border dispute

फिंगर-5 पर पीएलए की तीन बोट और फिंगर-6 पर पीएलए की 10 बोट दिखाई दी हैं। हर बोट में 10 जवान सवार हैं, यानी फिंगर-4 के बेहद करीब 130 जवान तैनात हैं। चीनी सैनिक अब तक सिर्फ फिंगर-4 से फिंगर-5 पर वापस गए हैं लेकिन पूरी तरह से रिज-लाइन को खाली नहीं किया है। भारत की तरफ से साफ कहा गया कि चीन को पैंगॉन्ग एरिया में फिंगर-8 से पीछे जाना होगा लेकिन चीन इस पर बिल्कुल सहमत नहीं है​​।

​यही हाल भारत के पेट्रोलिंग प्वाइंट-17ए के समीप स्थित गोगरा पोस्ट का है, जहां अब भी दोनों ओर से लगभग 1,500 सैनिक ​आमने-सामने हैं।​ ​चीनी सैनिकों की नजरें भारत के पेट्रोलिंग प्वाइंट-18, 19, 20, 21, 22 और 23 पर टिकी हैं। ​​​चीनियों ने पेट्रोलिंग प्वाइंट-15 के पास भारतीय दावा क्षेत्र में सड़क का भी विस्तार किया है।भारतीय सैनिकों को यहां से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। 

Indo-China border dispute

​​कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद चीनी सेना​ ने पैंगोन्ग झील और गोगरा सेक्टरों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की शुरुआत​ एक महीने पहले की ​थी​।​​ ​भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ​झील के उत्तरी किनारे पर ​​​​ऑप्टिकल फाइबर केबल​ बिछाने की जानकारी पिछले माह दी थी​।​​ ​इस पर भारत की ओर से विरोध भी जताया गया लेकिन चीनियों ने अपना कार्य नहीं रोका​​।​​ 

​अब इधर झील के दक्षिणी छोर पर 07 सितम्बर से भारत के साथ गतिरोध बढ़ने पर ​चीन भड़का हुआ है। चीनी सैनिकों ने भारत के फॉरवर्ड पोजीशन पर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे सतर्क भारतीय जवानों ने विफल कर दिया था। चीन ने जिस तरह उत्तरी तट पर भारत और चीनी नियंत्रित क्षेत्र को अलग करने वाली रिजलाइन पर सैन्य पोस्ट बना रखी है। 

Indo-China border dispute

ठीक उसी तरह भारत ने अब जब दक्षिणी किनारे की रणनीतिक चोटियों की ऊंचाई हासिल की है तो चीन को हजम नहीं हो रहा है, जिससे तनाव बढ़ गया है। चीन इस इलाके में भी घुसपैठ करने की लगातार कोशिश कर रहा है लेकिन भारतीय जवान सतर्क हैं। इसके बावजूद चीन ने इस इलाके में भी गुपचुप तरीके से ​ऑप्टिकल फाइबर केबल​ बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है।

एक अधिकारी ने बताया कि भारत के साथ गतिरोध को हल करने के उद्देश्य से उच्च-स्तरीय वार्ता के बावजूद चीनी सेना अपना संचार तंत्र मजबूत करने में लगी है, उससे लगता है कि वे सीमा पर लंबी दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह केबल पैंगोन्ग झील के दक्षिण में उन्हीं जगहों पर बिछाई जा रही है जो विवादित चिह्नित किये गए हैं।

Indo-China border dispute 

यहां लगभग 60-70 किमी क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिक लंबे मोर्चे के साथ टैंक और हथियार तैनात करके महज 170 मीटर की दूरी पर आमने-सामने हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गतिरोध बढ़ाने का आरोप लगाया है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों की मास्को में हुई मुलाकात के बाद भी सीमा पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए उच्च गति वाले संचार के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाना चिंता का विषय है।

​सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों को इस तरह की गतिविधि के लिए सतर्क किया गया था, क्योंकि उपग्रह इमेजरी ने पैंगोन्ग ​झील ​के दक्षिण में ​इस तरह की असामान्य ​गतिविधियां दिखाई ​दी ​थीं। विदेशी खुफिया एजेंसियों ने भी स्पंगगुर खाई के पास, पहाड़ी इलाकों के बीच खाइयों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की पुष्टि की है। यह वही इलाका है जहां चीनी सैनिकों ने हाल ही में दशकों में पहली बार हवा में गोलीबारी की थी। 

Indo-China border dispute

एक पूर्व भारतीय सैन्य खुफिया अधिकारी ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का चीनी मकसद सीमा पर अपना संचार तंत्र मजबूत करने के साथ-साथ चित्र और दस्तावेज़ जैसे डेटा भेजने की भी व्यवस्था करना हो सकता है। उन्होंने कहा कि रेडियो सन्देश भेजने पर रडार से पकड़ा जा सकता है लेकिन ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिये यह सुरक्षित है। हालांकि ​सेटेलाइट तस्वीरों में ड्रैगन की हरकत​ कैद होने के बाद ​​भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट​ हो गई हैं​।  

यह खबर भी पढ़े: जोफ्रा आर्चर का बड़ा बयान, कहा- अभी "ब्लैक लाइव्स मैटर" आंदोलन को नहीं भूली है इंग्लैंड की टीम

यह खबर भी पढ़े: डिजिटल इंडिया पहल को बढ़ावा देगा पश्चिम रेलवे, 354 स्टेशनों पर जल्द शुरू करने जा रहा है ये खास सुविधा

 

Recommended

Spotlight

Follow Us