दिल्ली दंगों में 19 वर्षीय हाशिम अली की हत्या के मामले के आरोपी पंकज शर्मा की जमानत याचिका खारिज

Daily Hunt News 15-09-2020 21:57:33

नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों के दौरान 19 वर्षीय हाशिम अली की हत्या के मामले के आरोपी पंकज शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशंस जज विनोद यादव ने कहा कि मामले की गंभीरता और चश्मदीद गवाहों के बयानों को देखते हुए ऐसा लगता है कि अगर जमानत दी गई तो आरोपी गवाहों को धमकी दे सकता है।

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से वकील एम हसीबुद्दीन ने कहा कि आरोपी 31 वर्ष का है और वह पिछले 10 मार्च से हिरासत में है। उन्होंने कहा कि आरोपी को झूठे तरीके से फंसाया गया है और गवाहों के झूठे बयानों को आधार बनाया गया है। आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे घर से संदेह के आधार पर उठाया गया और एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर इस केस में फंसाया गया है।

हसीबुद्दीन ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं है। आरोपी उसी इलाके में रहता है जहां घटना घटी है इसलिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड का कोई मतलब नहीं है। आरोपी की ओर से कहा गया कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसलिए उसे हिरासत में रखने की कोई जरुरत नहीं है। वो पहले किसी भी मामले में दोषी करार नहीं दिया गया है।

पंकज शर्मा की जमानत का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से वकील सलीम अहमद ने कहा कि आरोपी के खिलाफ वर्तमान एफआईआर जौहरीपुर पुलिया के पास मिले नौ शवों के मामलों से जुड़ा हुआ है। दंगाईयों की भीड़ ने 19 वर्षीय हाशिम अली की हत्या 26 फरवरी की रात नौ से दस बजे के बीच की थी। 29 फरवरी को हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हाशिम अली के शरीर पर घाव के 42 निशान पाए गए थे। सलीम अहमद ने कहा कि तीन गवाहों ने साफ-साफ कहा कि आरोपी घटनास्थल पर दंगाईयों की भीड़ में शामिल था।

दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि आमिर खान नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में दर्ज एक दूसरे एफआईआर की जांच के दौरान इंस्पेक्टर विनय त्यागी कुछ गवाहों के बयान दर्ज करने गए थे। उस समय मोहित शर्मा, शिवम भारद्वाज और डिंपल पाल जांच दल के आसपास मंडरा रहे थे। वे जांच दल की बातचीत को सुनना चाह रहे थे जिसके बाद जांच दल को संदेह हुआ और उन्हें गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल फोन से पता चला कि मोहित शर्मा और शिवम भारद्वाज कट्टर हिन्दू एकता नामक व्हाट्सऐप ग्रुप के सदस्य थे। जांच में पता चला कि ये व्हाट्सऐप ग्रुप 25 फरवरी को बनाया गया था। इस व्हाट्सऐप ग्रुप से इसके मुख्य आरोपी लोकेश सोलंकी का पता चला।

लोकेश सोलंकी ने 26 फरवरी की रात में व्हाट्सऐप ग्रुप में मैसेज कि ‘भाई मैं गंगा विहार से लोकेश सोलंकी हूं । अगर किसी को कोई प्राब्लम हो और वहां लोग कम पड़ रहे हो तो बता देना , मैं अपनी पूरी गंगा विहार की टीम के साथ आऊंगा। हमारे पास गोली, बंदूक सब कुछ है।‘ उसी रात को सोलंकी ने एक और मैसेज भेजा जिसमें कहा गया कि दूसरे समुदाय के दो लोगों की हत्या कर भागीरथ विहार के नाले में फेंक दिया है।

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