मणिपुर में कांग्रेस लाई है एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, फ्लोर टेस्ट आज

Daily Hunt News 10-08-2020 12:48:40

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद खास है। मणिपुर विधानसभा में आज विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। ये फ्लोर टेस्ट ही बीजेपी की गठबंधन सरकार का भविष्य तय करेगा। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बीते शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। सीएम बीरेन सिंह ने ये कदम तब उठाया था जब विपक्षी कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। 

दरअसल, मणिपुर में कांग्रेस ने अपने 24 विधायकों को 10 अगस्त को एक दिवसीय विधानसभा सत्र में शामिल होने और बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है। कांग्रेस विधायकों ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है। 

वरिष्ठ विधायक और कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक के.  गोविंदास ने बुधवार को बताया कि पार्टी विधायकों को 10 अगस्त को सदन में चर्चा और मतदान के लिए उपस्थित रहने के लिहाज से तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है। 

अब मणिपुर में भाजपा और कांग्रेस नेताओं का सारा ध्यान मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की ओर से पेश किए जाने वाले विश्वास प्रस्ताव पर है। आज विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। यह फ्लोर टेस्ट ही भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार के भाग्य का फैसला करेगा। 

दरअसल, मणिपुर में लंबे समय से सियासी खींचतान चल रही है। भाजपा गठबंधन वाली सरकार के कुछ मंत्री और विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इस घटना से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सोमवार की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष बैठक शामिल नहीं हुए थे।

विधानसभा में विश्वास मत पर वोटिंग के लिए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया है। व्हिप में सभी सदस्यों से सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। भाजपा के मुख्य सचेतक और मंत्री टी. बिस्वजीत सिंह ने भी पार्टी विधायकों को सत्र में भाग लेने और विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एस टिकेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सरकार 30 से ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल करके विश्वास मत जीतेगी। हालांकि सदन में गठबंधन सरकार के पास सिर्फ 29 सदस्यों का संख्याबल है। कांग्रेस ने 28 जुलाई को भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा की मौजूदा संख्या स्पीकर समेत 53 है। चार विधायकों को दल बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया है। जबकि तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि सत्ताधारी भाजपा गठबंधन के पास 29 विधायक हैं। भाजपा के पास 18 विधायक हैं। वहीं एनपीपी के पास चार, एनपीएफ के चार और एक-एक विधायक टीएमसी लोक जनशक्ति पार्टी के हैं। इसके अलवा एक निर्दलीय विधायक है।

भाजपा नीत सरकार के सामने 17 जून को राजनीतिक संकट उपस्थित हो गया क्योंकि छह विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया, वहीं भाजपा के तीन विधायक पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। हालांकि भाजपा के शीर्ष नेताओं और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के हस्तक्षेप के बाद नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायक बाद में गठबंधन में वापस आ गए। संगमा एनपीपी के सुप्रीमो हैं। 

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