आठवें महीने की आठ तारीख को आकाश में एक साथ दिखेंगे सौर परिवार के आठ सदस्य

Daily Hunt News 07-08-2020 12:19:28

भोपाल। कोरोना संकट के समय जब परिवार के सभी सदस्य अपने घरों में एक साथ हैं, ऐसे में सूर्य परिवार के सदस्य भी रात्रि आकाश में एक साथ आ रहे हैं। आठवें महीने की आठ तारीख को यानी 08 अगस्त की रात्रि में आसमान में एक साथ आठ ग्रह दिखाई देंगे। शनिवार की रात 9 बजे के बाद 8 घंटे की अवधि में आकाश में पृथ्वी के उपग्रह सोम ‘चंद्रमा’ के साथ आठ ग्रह मंगल, बुध, गुरू, शुक्र एवं शनि के दर्शन होंगे और इसके अगले दिन अलसुबह बाद सूर्योदय होते ही रवि ‘सूर्य’ के दर्शन भी किया जा सकेंगे।

राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त भोपाल की विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शुक्रवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 360 डिग्री में चक्कर लगाने वाले ग्रहों के सामने वर्तमान में पृथ्वी इस स्थिति में है कि शाम को सूर्यास्त की लालिमा समाप्त हाने के बाद आकाश में सिर के ऊपर सबसे विशाल ग्रह बृहस्पति और रिंग वाला सुंदर ग्रह शनि दर्शन देने लगते हैं। वहीं, शनिवार की रात 9 बजे नेप्च्यून उदित हो रहा है, जबकि लाल ग्रह मंगल रात्रि 11 बजे आकाश में दिखाई देगा। 

इसके साथ ही मध्यरात्रि 12 बजे यूरेनस की आकाश में एंट्री होगी, जबकि रात्रि 3 बजे के सन्नाटे में सबसे चमकीला ग्रह शुक्र पूर्व दिशा से उदित होता दिखाई देगा। इसके अलावा सूर्योदय से कुछ मिनट पहले अलसुबह 5 बजे सौर परिवार का पहला ग्रह बुध आकाश में देखा जा सकेगा। इन ग्रहों के साथ पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा भी आठ अगस्त की रात्रि 10 बजे उदित होगा और रातभर पर ग्रह परिवार के इन सदस्यों का साथ देगा।

सारिका ने बताया कि सप्ताह के सात दिनों के नाम वाले ये खगोलीय पिंडों का एक ही रात्रि में दर्शन हमेशा संभव नहीं होता है, क्योंकि ये ग्रह सूर्य की परिक्रमा अपनी गति से करते हुये कई बार इस स्थिति में होते हैं कि वे दिन के आकाश में सूर्य के साथ रहते हैं। सूर्य के कारण उन्हें देखा नहीं जा सकता है। 

उन्होंने बताया कि यूरेनस और नेप्च्यून को तो देखने के लिये टेलिस्कोप की जरूरत होगी, लेकिन बाकी खगोलीय पिंड कोरी आंखों से देखे जा सकते हैं। अगर शनिवार की रात आसमान में बादल होंगे तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इन खगोलीय पिंडों के एक साथ आगामी एक सप्ताह तक देखा जा सकेगा। यह स्थिति अगले सप्ताह तक रहेगी। यानी, आसमान में एक साथ आठ ग्रहों के दीदार करने के लिए तैयार रहें और कोरोना के संकट को भूलकर तारामंडल का आनंद उठाएं।

शनिवार की रात आकाश में होने वाली खगोलीय घटना इस प्रकार होगी- 
सूर्यास्त के बाद आकाश में 7.30 बजे लालिला समाप्त होगी। इसी समय रात 7.30 बजे गुरु (जुपिटर) और शनि (सेटर्न) उदित होंगे, जो कि अलसुबह चार बजे तक रहेंगे। फिर नेप्च्यून रात्रि 9 बजे उदित होकर सुबह तक देखा जा सकेगा। मंगल (मार्स) रात 11 बजे, यूरेनस 12.30 बजे, शुक्र (वीनस) तीन बजे, बुध प्रात: 5 बजे और चंद्रमा रात 10 बजे उदित होकर सुबह तक दिखाई देगा। इसके बाद एक सप्ताह तक यह स्थिति रहेगी, लेकिन यह ग्रह प्रतिदिन 50 मिनट की देरी से उचित होंगे।

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