शिक्षकों को वेतन नहीं देने पर ऑनलाइन शिक्षण कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी

Daily Hunt News 01-08-2020 20:31:48

नई दिल्ली। नगर निगम शिक्षक संघ ने शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने पर 16 अगस्त से ऑनलाइन शिक्षण कार्यों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। शिक्षक संघ के महासचिव रामनिवास सोलंकी ने कहा है कि यदि 15 अगस्त तक उन्हें वेतन नहीं मिलता है तो वह 16 अगस्त से ऑनलाइन शिक्षण कार्यों का बहिष्कार करेंगे। इसके लिए पूर्णतया सरकार एवं निगम जिम्मेदार होगा। 

सोलंकी ने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम में लगभग 9000 शिक्षकों को मई, जून एवं जुलाई का वेतन नहीं मिला है। इससे उन्हें कोरोना संकट के इस दौर में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हमने वेतन के मामले को लगातार अपने विभागीय अधिकारियों के अलावा दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार तथा पार्षद विधायक एवं सांसदों तक पहुंचाया और उनसे गुहार लगाई। उनसे कहा कि हमें कोरोना महामारी के दौर में बीते 3 महीने का वेतन दिलाया जाए, लेकिन हमारी एक न सुनी गई। सभी जनों से हमें केवल कोरा आश्वासन ही मिला। 

उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में यदि किसी को चार महीने वेतन नहीं मिलेगा तो भला उसका घर परिवार कैसे गुजर बसर करें, ये गंभीरता के साथ सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों में अब भारी गुस्सा है और उनके सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने बताया कि यही कारण है कि अब शिक्षक अपनी सेवाओं को बाधित करने के लिए मजबूर होंगे। सभी मामलों पर गहन विचार करते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम शिक्षक संघ ने निर्णय लिया है कि यदि 15 अगस्त तक उन्हें वेतन नहीं मिलता है तो वह 16 अगस्त से ऑनलाइन शिक्षण कार्यों का बहिष्कार करेंगे। इसके लिए पूर्णतया सरकार एवं निगम जिम्मेदार होगा। 

रामनिवास सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में हमने उत्तरी दिल्ली आयुक्त, निगम के शिक्षा विभाग के अलावा महापौर को भी पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है। पत्र में वेतन की मांग के साथ-साथ शिक्षकों को वेतन न मिलने से हो रही समस्याओं के बारे में भी अवगत करवाया गया है। सोलंकी ने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि हमें शिक्षण कार्य का बहिष्कार करना पड़ेगा। 4 महीने से वेतन नहीं मिलना कोई मामूली समस्या नहीं है। सभी अधिकारियों एवं सभी पार्टियों के नेताओं के संज्ञान में लाने के बावजूद शिक्षकों को वेतन नहीं मिलना शर्म की बात है। प्रशासन वेतन देरी से मिलने के मुद्दे का स्थाई हल नहीं कर पाया है, जिसके कारण शिक्षक बेहद अत्याधिक तनाव में जीवन जीने पर मजबूर हैं। शिक्षक वर्ग लगातार शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक उत्पीड़न को झेलते हुए अब थक गया है और इससे अधिक सहन करने की स्थिति में नहीं है। 

यह खबर भी पढ़े: सीएम गहलोत ने कहा- प्रधानमंत्री को राजस्थान का तमाशा रोकना चाहिए, हॉर्स ट्रेडिंग के रेट बढ़...

यह खबर भी पढ़े: चोरों ने भगवान तक को नहीं बख्शा, साईं मंदिर से चोरों ने उड़ाया चांदी का सिंहासन, जांच में जुटी पुलिस

Recommended

Spotlight

Follow Us