हैकथॉन के साथ राष्ट्र प्रगति के शिखर पर होगा : निशंक

Daily Hunt News 01-08-2020 17:30:00

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को कहा कि कोरोना संकट के दौरान देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'हैकथॉन' के माध्यम से देश को प्रगति के शिखर पर ले जाया जाएगा।

डॉ. निशंक ने शनिवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन हैकथॉन के ग्रैंड फिनाले को लॉन्च करने के बाद कहा कि हैकथॉन प्रतियोगिता के माध्यम से थोड़े समय में यानी सिर्फ 36 घंटों में विभिन्न केंद्र सरकार के मंत्रालयों की समस्याएं, राज्य सरकार के विभागों और उद्योग की समस्याओं का समाधान खोजा जाएगा। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन की सफलता को देखते हुए मंत्री निशंक ने कहा, अब तक स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के तीन संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। 2017 में पहले संस्करणों में 42 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो 2018 में बढ़कर एक लाख हो गए और 2019 में यह आंकड़ा दो लाख पहुंच गया। इस वर्ष इसमें अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन- 2020 के पहले दौर में 4.5 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। हम अपने शिक्षण संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन जो कि शिक्षा मंत्रालय की फ्लैगशिप पहल है, अब दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल में विकसित हो गई है। इसके अलावा, स्मार्ट इंडिया हैकथॉन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का सर्वश्रेष्ठ उदहारण है।

स्मार्ट इंडिया हैकथॉन- 2020 (सॉफ्टवेयर) के ग्रैंड फिनाले का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), परसिस्टेंट सिस्टम्स और आई4सी द्वारा 1 से 3 अगस्त तक चलेगा। हैकथॉन में इस वर्ष 10 हजार प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।  

स्मार्ट इंडिया हैकथॉन- 2020 दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन हैकथॉन है जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों और उद्योगों की जटिल समस्याओं का तकनीकी संसाधनों की मदद से नए और प्रभावी समाधान निकलना है। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन हमारे देश के सामने आने वाली चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालने और विघटनकारी डिजिटल प्रौद्योगिकी नवाचारों की पहचान करने के लिए एक अनूठी पहल है। 

यह एक नॉन-स्टॉप डिजिटल उत्पाद विकास प्रतियोगिता है, जहां नवीन समाधान सुझाने के लिए प्रौद्योगिकी छात्रों को समस्याएं दी जाती हैं। इस हैकथॉन के लिए छात्रों के विचारों की प्रथम स्तर की स्क्रीनिंग एक कॉलेज स्तर के हैकथॉन के द्वारा जनवरी में ही की गई थी। उसके बाद कॉलेज स्तर पर जो टीमें जीती थीं, उनको राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों और मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा विचारों की स्क्रीनिंग की गई और अब जो टीमें शॉर्टलिस्ट की गई हैं वो ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा करेंगी। 

कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के ग्रैंड फिनाले का आयोजन देश भर के सभी प्रतिभागियों को एक विशेष प्लेटफार्म पर ऑनलाइन माध्यम से एकसाथ जोड़कर ऑनलाइन किया जा रहा है। इस साल, केंद्र सरकार के 37 विभागों, 17 राज्य सरकारों और 20 उद्योगों की 243 समस्याओं को हल करने के लिए 10,000 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं। प्रत्येक समस्या के हल के लिए छात्र को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी और छात्र नवाचार के क्षेत्र में तीन विजेता होंगे, जिसमें प्रथम विजेता को एक लाख, द्वितीय को 75,000 रुपये और तृतीय विजेता को 50,000 रुपये मिलेंगे। 

अब तक स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के द्वारा, लगभग 331 प्रोटोटाइप विकसित किए गए हैं, 71 स्टार्टअप बन रहे हैं, 19 स्टार्टअप सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा, विभिन्न विभागों में 39 समाधाओं को उपयोग में लाया जा चुका है और लगभग 64 संभावित समाधानों को आगे के विकास के लिए वित्तपोषित किया गया है। 

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