भारत के बाद अमेरिका भी करने जा रहा है चीन पर डिजिटल स्ट्राइक, विदेश मंत्री पोम्पियो ने दिए संकेत

Daily Hunt News 08-07-2020 05:34:00

वॉशिगटन। दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी अब भारत की राह पर चलने की तैयारी करता नजर आ रहा है। हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसके संकेत दिए है। पहले माइक पोम्पियो ने चीनी ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाए जाने के भारत के फैसले की तारीफ की थी और अब खबर है कि अमेरिका भी टिकटॉक समेत सभी चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध लगा सकता है। 

सोमवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका टिकटॉक समेत 'चीनी सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने' पर निश्चित रूप से विचार कर रहा है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस से जूझ रहे दुनिया भर के कई देश अब चीन से ऊब चुके हैं और अपनी ओर से चीन को कोई फायदा नहीं देना चाहते।

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भारत द्वारा 59 चीनी ऐप्स बंद करने के फैसले पर बात करते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था, "ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को बढ़ावा देगा। भारत का क्लीन एप दृष्टिकोण भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देगा।"

अमेरिका में कुछ सांसद चीनी एप्स बेन करने का समर्थन कर रहे हैं। इन सासंदों ने अमेरिकी सरकार से इस पर विचार करने की अपील की है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि छोटे छोटे वीडियो शेयर करने वाले ऐप किसी भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। रिपब्लिकन पार्टी के ही सांसद रिक क्रोफोर्ड ने कहा था, ‘टिकटॉक को जाना ही चाहिए और इसे तो पहले ही प्रतिबंधित कर देना चाहिए था।’ 

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इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चीनी सरकार टिकटॉक का इस्तेमाल अपने उद्देश्यों के लिए कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी संसद में कम से कम वैसे दो विधेयक लंबित हैं जिनमें संघीय सरकारी अधिकारियों को अपने फोन पर टिकटॉक का इस्तेमाल करने से रोकने के प्रावधान हैं। इससे लगता है कि भारत के कदम के बाद अमेरिका में भी टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 

एक इंटरव्यू में पोम्पियो ने माना है कि अमेरिका ने चीन में आर्थिक खुलापन को बढ़ावा दिया ताकि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ चीन के लोगों को मूलभूत अधिकार मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने पिछली सरकारों के फैसले की आलोचना नही की लेकिन साफ कर दिया कि अब चीन के मामले में नई नीति अपनाने की जरूरत है।    

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माइक पोम्पियो ने इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप को पिछले राष्ट्रपतियों से अलग बताते हुए दावा किया कि वो चीन के मामले में एक अलग रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेट, पिछले राष्ट्रपतियों ने चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों को बढ़ा दिया लेकिन उससे अमेरिकी मध्य वर्ग को नौकरियां गंवानी पड़ी। इससे ना सिर्फ अमेरिका को आर्थिक क्षति हुई बल्कि खुद चीन के अंदर भी लोगों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि भारत कोरोना के अलावा सीमा पर चीनी सैनिकों की अपने सैनिकों से झड़प और जमीन कब्जाने की कोशिश से ड्रैगन से चिढ़ा हुआ है। चीन की मंशा देखते हुए भारत ने उसपर डिजिटल स्ट्राइक की है। हाल ही में भारत सरकार ने अलग-अलग तरीके के 59 मोबाइल एप को देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाला बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया। 

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जबकि आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एप ''उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें भारत के बाहर स्थित सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं।

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