चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की पूरी तैयारी कर रहा भारत, मार्शल आर्ट लड़ाकों को धूल चटाने के लिए तैनात किये बैटल ग्रुप

Daily Hunt News 30-06-2020 05:24:00

नई दिल्ली। लद्दाख में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस बीच खुलासा हुआ है कि भारत के साथ हिंसक झड़प से पहले चीन ने सीमा पर पर्वतारोहियों और मार्शल आर्ट के फाइटर्स की तैनाती की थी। ऐसे में अब भारत की तरफ से भी नियंत्रण रेखा पर माउंटेन कार्प के एकीकृत बैटल ग्रुप (आईबीजी) की तैनाती की गई है। 

बता दें कि इस ग्रुप में शामिल जवान ऊंचे पहाड़ी इलाकों में युद्ध करने में पारंगत हैं। ये समूह खासतौर पर ऊंचे पर्वतीय इलाकों में युद्ध के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं। ये 17वीं माउंटेन कार्प के जवान हैं, जिन्हें युद्धक समूहों के रूप में चीन से निपटने के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है। यह समूह चीन की हर चुनौती से निपटने में सक्षम है।

India ready to teach China a lesson sent missiles deployed on LAC as well as three more army divisions

सूत्रों का कहना है कि एलएसी पर चीन ने बड़े पैमाने पर पर्वतारोहियों एवं मार्शल आर्ट के लड़ाकों को हाल में अपनी सेना में भर्ती किया है तथा ऐसे पांच डिवीजन बनाकर एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) की तरफ भेजे हैं। 15 जून से पहले इन्हें तैनात किया गया था। चीनी मीडिया में आई रिपोर्टों में हालांकि कहा गया है कि यह तिब्बत में तैनाती के लिए हैं। 

सूत्रों के अनुसार भारत की तरफ से माउंटेन कार्प के कम से कम तीन बैटल ग्रुप अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में आईटीबीपी के जवान भी हैं जो पर्वतीय इलाकों में युद्ध का प्रशिक्षण पा चुके हैं। बैटल ग्रुप के जवानों को जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थान पर एयरड्रॉप भी किया जा सकता है। 

Indo-China border dispute

जवानों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है तथा पूर्व में चीन सीमा पर कई स्थानों पर वे युद्धाभ्यास भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि थल सेना की तैयारियों को लगातार वायुसेना का बैकअप मिला हुआ है। वायुसेना एलएसी पर निगरानी के साथ-साथ जवानों को एयरड्रॉप करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बता दें कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर मंडरा रहे हैं। चीन की यह गतिविधियां एलएसी के 10 किलोमीटर एरिया में जारी हैं। ऐसे में भारत ने भी अब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी की है। 

Indo-China border dispute

भारत ने एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया
सैन्य सूत्रों के मुताबिक एलएसी पर चीन के लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर पर नजर रखने के लिए सेना ने पूर्वी लद्दाख में 'आकाश' एडवांस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर दिया है। इससे भारतीय सेना आसानी से चीन की हरकतों पर नजर रख सकती है। ऐसे में अगर चीन का कोई विमान एलएसी क्रॉस करेगा तो उसे एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तुरंत मार गिराएगा।

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