चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के साथ कैट ने की सभी सामानों पर बनाने वाले देश का नाम अनिवार्य करने की मांग

Daily Hunt News 30-06-2020 04:21:00

नई दिल्‍ली। कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार आंदोलन को धार देने के लिए एक और बदलाव की मांग की है। देशभर के करीब 7 करोड़ कारोबारियों का प्रतिनिधित्‍व करने वाला संगठन कैट ने वाणिज्‍य मंत्री को सोमवार को भेजे एक पत्र में ये मांग की है। 

कैट ने अपने पत्र के माध्‍यम से कहा है कि भारत में ई-कॉमर्स अथवा बाज़ारों या अन्य किसी माध्यम से बेचे जाने वाली प्रत्येक वस्तुओं पर भी निर्माता देश का नाम अंकित होना चाहिए। साथ ही उसमें ये भी बताया जाना चाहिए कि उसके लिए कच्चा माल कहां से लाया गया है। बता दें कि कैट के पूर्व में की गई एक मांग को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने ई-कामर्स पोर्टल जैम पर बेचे जाने वाले सभी उत्पादों पर उपरोक्त दोनों विवरणों का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण ने बताया कि चीन और अन्य देशों से आयात किये गए विभिन्न उत्पादों पर किन्ही तत्वों द्वारा "मेड इन इंडिया" का लेबल चिपका कर भारत में बेचने की सूचना कैट को मिली हैं इसी के मद्देनजर कैट ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से ये मांग की है कि देश में ई-कॉमर्स, ऑफ लाइन बाज़ार, बड़े कॉर्पोरेट शोरूम, डायरेक्ट सेलिंग या किसी भी अन्य तरीके से कोई भी सामान बेचने पर उस सामान के निर्मित देश और उस सामान को बनाने में लगे एक अथवा एक से ज्‍यादा देशों के सामान का पूर्व विवरण लिखा जाना अनिवार्य बनान बेहद जरूरी है।

खंडेलवाल ने कहा कि सामानों के निर्माण में उत्पादों की संरचना के बारे में विवरण होगा तो ग्राहकों को असानी होगी। उससे पता चल जाएगा कि क्या उत्पाद 100 फीसदी मेड इन इंडिया है या आयातित या भारतीय सामग्री के उपयोग से बना है। इससे ये भी पता चलेगा कि क्या यह पूर्ण रूप से आयातित उत्पाद है। इन सब बातों की जानकारी सामान पर होनी ही चाहिए, जिससे सामान खरीदते समय उपभोक्ता पूर्ण रूप से निश्चिन्त हों कि वो कौन से देश का बना सामान खरीद रहे हैं। इसके अलावा खंडेलवाल ने कहा कि  देश में बेचे जाने वाले प्रत्येक सामान पर कंट्री ऑफ़ ओरिजिन और वैल्यू एडिशन के उल्लेख का अनिवार्य प्रावधान से ग्राहकों को यह समझने में मदद करेगा कि वो जो सामान खरीद रहे हैं है वो भारत अथवा किस देश में बना है। इससे ग्राहक के सभी तरह क भ्रम दूर होंगे। इतना ही नहीं इस तरह के प्रावधान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की अवधारणा को बल मिलेगा।

यह खबर भी पढ़े: सोनिया गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार पर बोला हमला, कहा- मुनाफाखोरी न करें

यह खबर भी पढ़े: महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 31 जुलाई तक जारी रहेगा लॉकडाउन

Recommended

Spotlight

Follow Us