सामुदायिक रेडियों पर जल्द ही विज्ञापनों के लिए 12 मिनट प्रति घंटा होगा एयर टाइमः जावडेकर

Daily Hunt News 22-05-2020 20:35:15

नई दिल्ली। अब सामुदायिक रेडियो पर भी टीवी चैनलों की तरह ही विज्ञापनों का एयर टाइम 12 मिनट प्रति घंटा होगा। अभी यह समय 7 मिनट प्रति घंटा है। शुक्रवार को सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के श्रोताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह बात कही। 

मंत्री ने कहा कि जहां एक ओर सामुदायिक रेडियो की स्थापना के दौरान होने वाले खर्च का 75 प्रतिशत मंत्रालय द्वारा वहन किया जाता है, वहीं दैनिक परिचालन के खर्च स्टेशन द्वारा वहन किए जाते हैं। इस दौरान जावड़ेकर ने यह संकेत दिया कि सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को विज्ञापन के लिए 7 मिनट प्रतिघंटा एयरटाइम की अनुमति होती है जबकि टीवीचैनलों को 12 मिनट के एयरटाइम की छूट मिलती है। उन्होंने कहा कि वह समस्त रेडियो स्टेशनों को समान समय प्रदान करने के लिए इच्छुक हैं ताकि उन्हें निधियों की मांग करने की आवश्यकता न हो और स्थानीय विज्ञापनों का प्रसारण सामुदायिक रेडियो स्टेशनों पर किया जा सके। 

अपनी आरंभिक टिप्पणियों में कहा कि सामुदायिक रेडियो अपने आप में एक समुदाय है। उन्हें ‘परिवर्तन के वाहक’ करार देते हुए जावडेकर ने कहा कि यह स्टेशन रोजाना लाखों लोगों तक पहुंच बनाते हैं और मंत्रालय जल्द ही ऐसे रेडियो स्टेशनों की संख्या में वृद्धि करने की योजना लाएगा। उन्होंने जनता से कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी जंग जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि इसे भी उसी तरह दूर भगाएंगे जैसे हमने दूसरी बीमारियों को दूर भगाया है। हालांकि उन्होंने कहा कि अब नए तरह के हालात हैं जिसमें 4 कदम शामिल है। जितना ज्यादा से ज्यादा संभव हो सके घर में रहना, बार-बार हाथ धोना, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना और सामाजिक दूरी बरकरार रखना शामिल है। 

मंत्री ने सामाजिक दूरी और आर्थिक गतिविध की चुनौतियों के बीच असमंजस के बारे में बोलते हुए  ‘जान भी जहान भी’ का मंत्र दोहराया और कहा कि कंटेनमेंट जोंस में प्रतिबंध जारी है जबकि ग्रीन जोंस में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं। जावडेकर ने सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की अपने चैनलों पर समाचारों के प्रसारण से संबंधित प्रमुख मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह सामुदायिक रेडियो स्टेशनों पर उसी तरह समाचारों के प्रसारण की अनुमति देने पर विचार करेंगे जिस प्रकार एफएम चैनलों के साथ किया गया है। उन्होंने इन स्टेशनों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह स्टेशन फेक न्यूज की बुराई से निपटने में प्रमुख भूमिका निभा सकेंगे। 

मंत्री ने यह भी कहा कि यह स्टेशन ऐसी खबर का संज्ञान लेकर और स्थानीय स्त्रोतों से उसकी पुष्टि करवा कर कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने इस स्टेशनों को ऐसी खबरों को आल इंडिया के साथ साझा करने को भी कहा ताकि सत्य की पहुंच को व्यापक बनाया जा सके। मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने पीआईबी के अंतर्गत फैक्ट चेक सेल बनाया है और सामुदायिक रेडियो फैक्ट चेक सेल की भूमिका को भी पूर्णता प्रदान कर सकते हैं। 

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