‘अम्फन’ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे सरकार, पुनर्वास को दे प्राथमिकता : सोनिया

Daily Hunt News 22-05-2020 19:22:07

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुक्रवार को देश के 22 दलों के नेताओं के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। बैठक में बंगाल और ओडिशा दो राज्यों को प्रभावित करने वाले चक्रवाती तूफान ‘अम्फन’ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई। साथ ही तूफान से प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास को प्राथमिकता देने की बात कही गई। इस बैठक में कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, शिवसेना, द्रमुक, जेडीएस, राजद, वामदल और हम समेत कई पार्टियों के नेता शामिल हुए।

सोनिया गांधी ने तूफान में मारे गए लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि एक और देश कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा है, ऐसे में चक्रवाती तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों को दोहरी मार पहुंचाई है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों राज्यों के लोगों मदद पहुंचाने की दिशा में केंद्र व राज्य की सरकारें विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यह वक्त सरकारों और देशवासियों के एकजुट होने का है। इस दौरान केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि इस चक्रवाती तूफान को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और फिर उसके मुताबिक लोगों को राहत पहुंचाते हुए उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। 

इसके अलावा, सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार की व्यवस्थाओं को पूरी तरह फेल बताया। उन्होंने कहा कि लगभग सभी जाने-माने अर्थशास्त्री ने बड़े स्तर पर वित्तीय प्रोत्साहन की तत्काल आवश्यकता की सलाह दी थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड़ के ​पैकेज की घोषणा की और फिर पांच एपिसोड में वित्तमंत्री द्वारा उसकी जानकारी देना एक क्रूर मजाक बन गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लॉकडाउन से देश को बाहर लाने को लेकर सरकार के पास कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में भी सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय तक सीमित हैं। केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने संघवाद की भावना को भूला दिया है, नतीजतन विपक्ष की मांगों को या तो अनसुना किया जा रहा है या फिर सीधे-सीधे नकार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पास कोई समाधान नहीं होना चिंता की बात है। लेकिन उससे दुखद यह है कि उसे जनता का दुख दिखता भी नहीं है वरना गरीबों के खातों में पैसे डालने, सभी परिवारों को मुफ्त राशन तथा प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने के मुद्दे पर वो राजनीति नहीं करती। 

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