कांग्रेस, टीएमसी, AIMIM के बाद अब BSP भी नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में, बताया विभाजनकारी

Daily Hunt News 09-12-2019 20:46:07

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया। मत विभाजन में 375 सदस्यों ने भाग लिया जिनमें से 82 ने विरोध में और 293 ने पक्ष में मतदान किया। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि न किसान की आय दुगनी हुई, न गंगा साफ़ हुई, न अर्थव्यवस्था में सुधार लाए, न काला धन वापस लाए, न नौकरियां लाए, न बेटियों को बचा पाए, न विकास कर पाए, मैंने पहले कहा था: इनकी राजनीति ध्यान हटाने और समाज बांटने की है।

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अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि इन देशों के मुसलमान भी कानून के आधार पर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं और उनके आवेदनों पर भी प्रक्रिया के तहत विचार किया जायेगा। इस पर कोई रोक नहीं लगेगी। गृहमंत्री ने कहा कि वह विपक्षी सदस्यों के विधेयक की विषयवस्तु से जुड़े सभी सवालों का जवाब विधेयक पर चर्चा के दौरान विस्तारपूर्वक देंगे। वही अब BSP भी नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में उतर आयी है। साथ ही इस बिल को संविधान विरोधी करार दिया है। 

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सांसद अफजल अंसारी ने कहा कि इस्लाम को मानने वालों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और दूसरे धर्म को मानने वाले लोगों को इस देश में स्वीकार कर लिया जाएगा तो यह काफी विभाजनकारी है। एक तरफ जहां विपक्षी पार्टियां बिल का विरोध कर रही है, तो वहीं देश के कई हिस्सों में भी विधेयक के खिलाफ विरोध हो रहा है। कांग्रेस, शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, सपा, बसपा, राजद, माकपा, एआईएमआईएम, बीजद और असम में भाजपा की सहयोगी अगप विधेयक का विरोध कर रही हैं। जबकि, अकाली दल, जदयू, अन्नाद्रमुक सरकार के साथ हैं। एआईआईएमएल नेता असददुीन औवेसी ने कहा कि यह देश के धर्मनिरपेक्षता के ढांचे पर हमला है और मूल ढांचे का उल्लंघन करता है।

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