अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह के समय देश की अर्थव्यवस्था क्यों संकट में थी: चुघ

Daily Hunt News 02-12-2019 20:11:46

अमृतसर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस को नसीहत दी है कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल पर अंगुली उठाने से पहले अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह सरकार के वर्ष 2004 से 2014 के कार्यकाल का अवश्य ही आंकलन करना चाहिये कि उस समय अर्थव्यवस्था किस कदर चरमराती हुई स्थिति में थी।

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चुग ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि मोदी को वर्ष 2014 में मनमोहन सिंह से अर्थव्यवस्था में घोटाले और चरमराता बैंकिंग क्षेत्र विरासत में मिला था। वर्ष 2014 में देश की अर्थव्यवस्था जो लगभग दो खरब डॉलर के आकार के साथ विश्व में 11वें नम्बर पर थी वह मोदी शासन के पांच साल के बाद आज 7वें नम्बर पर है और वर्ष 2024 तक यह पांच खरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल कर विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के गत पांच साल के निर्णयों का बारीकी से अध्ययन करें तो यह साफ है कि उसकी नीति और नीयत एकदम साफ है इसीलिए सरकार ने पांच साल में ढांचागत विकास के सुधार में व्यापक काम किया है।

भाजपा नेता ने कहा कि देश में गत पांच वर्षों में नई रेल लाइनों के निर्माण में दुगुनी प्रगति हुई है। पहले सालाना 1,727 किलोमीटर रेल लाईन बनती थी जो अब 3,035 किमी. बन रही है। रेल लाईनों के दोहरीकरण और चौड़ीकरण भी 1,875 किमी. से बढ़ कर पांच हजार किमी. तथा विद्युतीकरण भी 3,038 किमी. से बढ़कर 13,687 किमी तक हो गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार से पहले देश में केवल 65 हवाईअड्डे थे जो बढ़ कर 102 हो गये हैं। पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 12 किमी. प्रतिदिन बनते थे और अब 20 किमी. प्रतिदिन बन रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण सड़क पहले 70 किमी. प्रतिदिन बनती थी जो अब 133 किमी. प्रतिदिन बन रही हती है। पहले 55 प्रतिशत गांव तक सड़कें थीं और अब 91 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ गये हैं।

चुघ के अनुसार मोदी सरकार ढांचागत विकास, बेहतर आर्थिक माहौल और पारदर्शी शासन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के पांच सालों के शासन के बाद विपक्षी दल इस पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा सके।

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