दशहरे से ठीक एक दिन पहले भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों की ब्लेक मनी से जुड़ी मिली जानकारी

Daily Hunt News 07-10-2019 21:41:46

नई दिल्ली। काले धन के खिलाफ लड़ाई में भारत ने बड़ी सफलता अर्जित कर ली है, दरअसल सरकार को स्विस बैंक में भारतीय खाता धारकों के ब्यौरे की पहली लिस्ट उपलब्ध करा दी गई है। यह सूचना भारत को स्विटजरलैंड सरकार ने ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन की नई व्यवस्था के तहत दी है, जिसमें सक्रिय खातों की भी जानकारी शामिल है। स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन ने 75 देशों को एईओआई के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का आदान-प्रदान किया है, इनमें भारत भी शामिल है। 

यह भी पढ़े: दशहरे से पहले आई बड़ी खबर, मुंबई में भीख मांगने वाला राजस्थान का बुजुर्ग निकला लखपति, FD और बैंक खाता...

उम्मीद जताई जा रही है कि  इस व्यवस्था से भारत को विदेशों में अपने नागरिकों द्वारा जमा कराए गए कालेधन के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद मिलेगी। एफटीए ने समझौते में शामिल देशों को कुल 31 लाख खातों का विवरण भेजा है, जबकि इन देशों से उसे 24 लाख जानकारियां मिली हैं।  इसके अलावा उन खातों का ब्योरा भी उपलब्ध कराया जाएगा जो 2018 में बंद किए जा चुके हैं। प्रवक्ता ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत अगली सूचना सितंबर, 2020 में साझा की जाएगी। हालांकि, सूचनाओं के इस आदान प्रदान की कड़े गोपनीयता प्रावधान के तहत निगरानी की जाएगी।

इन जानकारियों में आइडेंटिफिकेशन, खाते तथा पैसों से जुड़ी जानकारी शामिल हैं। इनमें नाम, पता, नैशनलिटी, टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर, वित्तीय संस्थानों से जुड़ी सूचनाएं, खाते में पड़े पैसे और कैपिटल इनकम शामिल हैं। कई बैंक अधिकारियों और नियामकीय अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने के अनुरोध के साथ कहा कि ये जानकारियां मुख्यत: कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कुछ अफ्रीकी देशों तथा दक्षिण अमेरिकी देशों में रह रहे अनिवासी भारतीयों समेत व्यवसायियों से संबंधित हैं। बैंक अधिकारियों ने माना कि कभी पूरी तरह से गोपनीय रहे स्विस बैंक खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर शुरू हुई मुहिम के बाद पिछले कुछ सालों में इन खातों से भारी स्तर पर पैसे निकाले गए और कई खाते बंद हो गए। 

स्विस नैशनल बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंक में भारतीयों द्वारा जमा रकम 2018 में लगभग छह फीसदी घटकर 6,757 करोड़ रुपये रही थी। बीते दो दशक में जमा रकम का यह दूसरा निचला स्तर है। साल 2018 में तमाम विदेशी ग्राहकों द्वारा स्विस बैंक में जमा रकम चार फीसदी से ज्यादा घटकर 99 लाख करोड़ रुपये रही। बैंक फॉर इंटरनैशनल सैटलमेंट (बीआईएस) के 'लोकेशनल बैंकिंग स्टैटिस्टिक्स' के मुताबिक, साल 2018 में भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा रकम में 11 फीसदी की गिरावट आई है।

स्विट्जरलैंड सरकार ने अलग से बयान में कहा कि इस साल 75 देशों में से 63 देशों के साथ यह परस्पर आदान-प्रदान है। करीब 12 देश ऐसे हैं जिनसे स्विट्जरलैंड को सूचना तो प्राप्त हुई है लेकिन उसने उनको कोई सूचना नहीं भेजी है, क्योंकि ये देश गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय अनिवार्यताओं को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन देशों में बेलीज, बुल्गारिया, कोस्टा रिका, कुरासाओ, मोंटेसेराट, रोमानिया, सेंट विन्सेंट, ग्रेनेडाइंस और साइप्रस शामिल हैं। इसके अलावा बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, केमैन आइलैंड, तुर्क्स एंड कैकोज आइलैंड आदि देशों ने सूचना नहीं मांगी है, इसलिए उन्हें खातों का ब्योरा साझा नहीं किया गया है। 

स्विस बैंक में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत दुनियाभर में 74वें पायदान पर है, जबकि ब्रिटेन का पहला स्थान है। पिछले साल भारत 15 पायदान की छलांग के साथ सूची में 73वें स्थान पर था। स्विस बैंक में धन जमा करने वालों की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर अमेरिका, तीसरे स्थान पर वेस्ट इंडीज, चौथे स्थान पर फ्रांस तथा पांचवें स्थान पर हॉन्गकांग है। इस बैंक में जमा 50% से अधिक धन इन्हीं पांचों देशों के लोगों का है। टॉप 10 देशों के अन्य देशों में बहामास, जर्मनी, लक्जमबर्ग, कायमान आइलैंड्स और सिंगापुर शामिल हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

 

Recommended

Spotlight

Follow Us