आखिर दशहरे के दिन क्यों खाई जाती हैं जलेबी, जानें इसके पीछे की कहानी

Daily Hunt News 07-10-2019 13:50:36

डेस्क। कल देश भर में मनाया जायेगा दशहरे का पर्व, दशहरा हिंदूओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। और ये पर्व साल के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक माना गया है। यह पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। इसलिए ही इसे विजयादशमी या आयुध-पूजा भी कहा जाता है इसी दिन पुरूषोत्तम भगवान राम ने रावण का वध किया था। कुछ स्थानों पर यह त्यौहार विजयादशमी, के रूप में जाना जाता है। पौराणिक मान्यतानुसार यह उत्सव माता विजया के जीवन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा कुछ लोग इस त्योहार को आयुध पूजा के रूप में मनाते हैं। 

 ये खबर भी पढ़े: अगर दर्द से फटा जा रहा है सिर तो आजमाए ये देशी फंडे, तुरंत मिलेगा आराम

क्यों मनाते हैं दशहरा या विजयादशमी 

दशहरा को विजयदशमीं के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने राक्षक महिषासुर का वध किया था। इसके अलावा इसी दिन राम की रावण पर भी जीत हुई थी। माना जाता है कि देवी दूर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से लड़ाई की थी. दसवें दिन, जिसे दशमी  भी कहते हैं उन्हें विजय हासिल हुई थी। 

lifestyle

इसलिए खाते हैं दशहरे के दिन जलेबी: 

दशहरे पर जब भी आप कभी रावण दहन देखने गए होंगे तो देखा होगा कि आसपास जलेबी के बहुत से स्टॉल होते हैं। तो कभी आपने सोचा है कि दशहरे वाले दिन लोग जलेबी क्यों खाते हैं और रावण दहन के बाद जलेबी लेकर घर क्यों जाते हैं। कहते हैं कि राम को शश्कुली नामक मिठाई बहुत पसंद थी। जिसे आजकल जलेबी के नाम से जाना जाता है। इसलिए रावण पर विजय के बाद जलेबी खाकर खुशी मनाई जाती है। 

lifestyle

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166 

Recommended

Spotlight

Follow Us