जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

Daily Hunt News 10-09-2019 12:06:54

डेस्क। भारतीय क्रिकेट के पितामह कहे जाने वाले जामनगर के महाराजा कुमार रणजीत सिंह स्वतंत्रता प्राप्ति के पहले भारतीय क्रिकेट के सबसे दमदार खिलाड़ियों में से एक थे। 10 सितंबर 1872 को गुजराज के काठियावाड़ के सरोदर गांव में जन्में रणजीत सिंह अगर आज जिंदा होते तो अपना 147वां जन्मदिन मना रहे होते।

यह खबर भी पढ़े: भारत दौरे के लिए मुंबई का यह पूर्व बल्लेबाज बना दक्षिण अफ्रीका का बल्लेबाजी कोच

 à¤œà¤¨à¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

वे ऐसे एकमात्र भारतीय क्रिकेटर थे जिन्हे अपनी टीम में शामिल करने के लिए अंग्रेज आपस में भीड़ गए थे।16 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए रणजीत सिंह ने भारत में ही क्रिकेट का ककहरा सीखा था। उन्हें करियर के दौरान कुमार रणजीतसिंह, रणजी और स्मिथ के नाम से जाना जाता था। 

जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

उस समय भारत में उन्हीं के नाम से राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप आयोजित की गई जो आज भी रणजी ट्रॉफी के नाम से चल रही है। रणजीत सिंह ने अपने छात्र जीवन में क्रिकेट के अलावा फुटबॉल और टेनिस भी खेली, लेकिन क्रिकेट ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। 

यह खबर भी पढ़े: साइक्लिंग ट्रैक एशिया कप: पहले दिन भारत ने जीते 4 स्वर्ण सहित 12 पदक

जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

कुमार रणजीतसिंह को उनकी निराली बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपनी कलाईयों की जादूगरी से इस खेल में लेग ग्लांस जैसे ऑन साइड के कई नए स्ट्रोक जोड़े थे। वे अपने जमाने के ऐसे बल्लेबाज थे जिनके पास कई तरह के स्ट्रोक की भरमार थी। इसका जिक्र उनके दोस्त सीबी फ्राई ने भी किया था।

जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

रणजीतसिंह के इसी कौशल के कारण इंग्लैंड के चयनकर्ताओं को उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वह इंग्लैंड की टीम में शामिल होने वाले एशियाई मूल के पहले क्रिकेटर थे। उस वक्त भारत में अंग्रेजों का शासन था और रणजीत का इंग्लैंड टीम में चयन हुआ था। 

यह खबर भी पढ़े: पहले गैर आधिकारिक टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने जमाई अपनी धाक, दक्षिण अफ्रीका ए को मात्र इतने रन पर समेटा

जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

रणजीत के इंग्लैंड टीम में चयन को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। रणजीत का जब 1896 में इंग्लैंड टीम में चयन हुआ तब लार्ड हारिस इस चयन के खिलाफ थे। उनका कहना था कि रणजीत का जन्म इंग्लैंड में नहीं बल्कि भारत में हुआ है, तो इंग्लैंड टीम में उनका चयन नहीं होनी चाहिए।

जन्मदिन विशेष: रणजीत सिंह को अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज, माने जाते है भारतीय क्रिकेट का जन्म दाता

उन्होंने 1895 से लेकर लगातार दस सत्र तक रणजी ने 1000 से अधिक रन बनाए। इनमें 1899 और 1900 के सत्र में तो उन्होंने 3000 से अधिक रन ठोक दिए थे। उन्होंने अपने कैरियर में 15 टेस्ट मैच की 26 पारियों में 44.95 की औसत से 989 रन बनाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 307 मैच खेले जिनमें 56.37 की औसत से 24,092 रन बनाए। इसमें 72 शतक और 109 अर्धशतक भी शामिल हैं। इस महान क्रिकेटर का 60 वर्ष की उम्र में 2 अप्रैल 1933 को जामनगर में निधन हुआ।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

 

Recommended

Spotlight

Follow Us