एसीबी को देख रिश्वत की राशि लेकर भागा थानेदार, टीम ने डेढ़ किलोमीटर पीछा कर पकड़ा

Daily Hunt News 10-07-2019 19:59:22

चित्तौडग़ढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से मंगलवार रात रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े भैंसरोडग़ढ़ थानाधिकारी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए हैं। एसीबी की टीम को देख थानाधिकारी मंगलवार रात इन्हें छकाते हुए भाग गया था। इसे पकडऩे के लिए एसीबी की टीम को करीब डेढ़ किलोमीटर पीछा कर पकडऩा पड़ा। एसीबी की कार्रवाई से पुलिस की मिली भगत से चल रहे अवैध बजरी खनन का भी खुलासा हुआ है। 

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजसमंद राजेश चौधरी ने बताया कि प्रार्थी रावतभाटा निवासी इमरान की शिकायत पर भैंसरोडग़ढ़ थानाधिकारी राजाराम मीणा को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसे बुधवार दोपहर उदयपुर स्थित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है। इससे पहले एसीबी ने मंगलवार रात थाना परिसर में स्थित इसके आवास की भी तलाशी ली थी, लेकिन कुछ खास नहीं मिला था। 

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जानकारी में सामने आया कि बजरी भरे अवैध वाहन निकालने की एवज में थानाधिकारी ने प्रार्थी इमरान से 50 हजार रुपये रिश्वत के मांगे थे। इसमें ना तो अवैध बजरी से भरे वाहन रोके जाने थे ना ही कोई प्रकरण दर्ज करना था। थानाधिकारी ने रिश्वत की राशि लेकर थाना परिसर में थानाधिकारी कक्ष में बुलाया था। जैसे ही रिश्वत की राशि दी, एसीबी की टीम थानाधिकारी के कक्ष में पहुंच गई। एसीबी की टीम को देख थानाधिकारी राजाराम चौंक गया। एसीबी की टीम को छकाते हुए कमरे से बाहर की तरफ भाग गया। 

एसीबी की टीम को इसे पकडऩे के लिए डेढ़ किलोमीटर तक पीछे भागना पड़ा, तब जाकर इस पर काबू पाया। बाद में इसे पुन: थाने लाया गया। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि थानाधिकारी ने फरवरी में ही यहां ज्योइन किया था। वहीं कुछ माह पूर्व ही इमरान ने भी बजरी का काम शुरू किया था। थानाधिकारी इससे एक बार पहले भी पैसे ले चुका है। वहीं इस बार 50 हजार रुपये मांगे थे। इस पर गत 17 जून को प्रार्थी ने एसीबी के समक्ष शिकायत दी थी। शिकायत का सत्यापन 20 जून को किया गया तब थानाधिकारी ने 15 हजार रुपए लिए। 

इसके बाद 21 जून को भी 10 हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद प्रार्थी को कोई काम आ गया था, जिस पर वह बाहर चला गया। इस दौरान बीच में थानाधिकारी शेष 25 हजार रुपये के लिए फोन करता रहता था। मंगलवार को फोन आया तो प्रार्थी ने एसीबी से सम्पर्क किया। ऐसे में चित्तौडग़ढ़ एसीबी चौकी पर नियुक्त निरीक्षक नरेन्द्रसिंह के नेतृत्व में टीम प्रार्थी के साथ भेजी गई, जिसने थानाधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।

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