मुख्यमंत्री ने दिया कोलकाता में तारों का जंजाल भूगर्भ करने का निर्देश

Daily Hunt News 7/10/2019 5:46:55 PM

कोलकाता। महानगर कोलकाता की ऐतिहासिक खूबसूरती को संजोने और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शहर के विभिन्न इलाके में फैले तारों के जंजाल को जमींदोज करने का निर्देश दिया है। बुधवार को उन्होंने यह जानकारी राज्य विधानसभा में दी। 

उन्होंने बताया कि कोलकाता में बिजली आपूर्ति का काम कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कारपोरेशन (सीआएससी) देखता है। विद्युत वितरण निगम, विभिन्न केबल और इंटरनेट सेवा मुहैया कराने वाली संस्थाओं ने भी अपने तार बिछा रखे हैं। इन्हें जमीन के नीचे बिछाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि मैंने इन सभी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि तारों का जंजाल जमीन के नीचे किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के समय इन तारों में से बिजली का झटका लगने की वजह से हर साल लोगों की जान जाती है। मैं जानती हूं कि भूगर्भ तार बिछाने में बड़ी धनराशि खर्च होगी लेकिन धीरे-धीरे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे पूरा करना होगा। 

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इसके बाद राज्य के शहरी विकास मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि दक्षिण कोलकाता के हरिश मुखर्जी रोड में हम लोगों ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू की है। इसके अलावा राजारहाट के नवदिगंत में इसी तरह से हर एक तार को जमीन के नीचे बिछाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इंजीनियरों के साथ बातचीत हुई है। नगर निगम में भी चर्चा हुई है। परियोजना से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसी महीने से काम शुरू हो जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि कोलकाता में भूगर्भ तारों का भी जंजाल है। जितनी अधिक संख्या में जमीन के ऊपर तार बिछाए गए हैं उससे ज्यादा जमीन के अंदर है। इंटरनेट  सेवा के लिए विभिन्न टेलीकॉम संस्थाओं ने जमीन के अंदर तार बिछा कर रखा है, इसमें बड़ी संख्या में ऑप्टिकल फाइबर भी हैं। महानगर में 4जी सेवा मुहैया कराने के लिए भारती एयरटेल ने करीब 500 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर जमीन के अंदर बिछाया है। इसी तरह से रिलायंस ने भी करीब 750 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर जमीन के अंदर बिछाया है। वोडाफोन और अन्य संस्थाओं ने भी उसी तरह से तारों का जाल भूगर्भ लाइन में बिछाकर सेवाएं देनी शुरू की है।

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ऐसे में अगर अन्य केबल, टीवी और बिजली आदि के तार भी जमीन के नीचे बिछाए जाएंगे तो इससे कई जगहों पर सड़कों को खोदना पड़ेगा और किसी तरह की छोटी बड़ी समस्या होने पर भी सड़कों की खुदाई कर उनकी मरम्मत करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अगर महानगर के सभी क्षेत्रों में तारों का जंजाल भूगर्भ किया जाए तो इसमें लंबा समय और बड़ी धनराशि खर्च होने वाली है। इसके अलावा एक बड़ी परियोजना रिपोर्ट तैयार करना पड़ेगा ताकि ऐसे तरीके से तारों का जंजाल भूगर्भ में बिछाया जाए और  समस्या होने पर उनकी मरम्मत के लिए बहुत अधिक सड़कों की खुदाई नहीं करनी पड़े।

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